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Sunday, July 3, 2016

इंसान बनो

बनाए गए जितने भी धर्म हैं सभी अपने प्रसार के लिये और अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिये हिंसा को जायज़ ठहराते है !  केवल इंसानियत ही प्राकृतिक धर्म है इसलिए केवल इंसान बन के रहो ! धर्मों के प्रवर्तकों ने पहले इंसानियत छोड़ी होगी तभी धर्म बनाया होगा वरना इंसानियत धर्म को मानने के बाद दूसरे किसी धर्म को मानने की आवश्यकता ही क्या है??