हमें परमात्मा से मिलने के लिये क्या करना चाहिये ? क्या भक्त बनना चाहिये या नेक इंसान बनना चाहिए अथवा कुछ ऐसा करना चाहिये जिससे ईश्वर स्वयं प्रशन्न हो कर हमसे आ मिले !
जी नहीं ; हमें तो ईश्वर से मिलने के लिये स्वयं ईश्वर ही बनना होगा क्यों कि पानी से केवल पानी का ही मेल हो सकता है तेल का नहीं . आग से केवल आग का ही मिलन हो सकता है . आग से पानी का मिलन नहीं होता . सज्जनों से मेल के लिये स्वयं को भी सज्जन बनाना ही होगा अन्यथा कोई सज्जन कतई हमसे नहीं मिलेगा ! ठीक उसी प्रकार परमात्मा से मिलने के लिए स्वयं को परमात्मा बनाना चाहिये ना कि भक्त ! हम स्वयं परमात्मा बनेगे , मगर कैसे ? किस प्रयत्न से ? क्या कोई जवाब है आप मित्रों के पास ?
जी नहीं ; हमें तो ईश्वर से मिलने के लिये स्वयं ईश्वर ही बनना होगा क्यों कि पानी से केवल पानी का ही मेल हो सकता है तेल का नहीं . आग से केवल आग का ही मिलन हो सकता है . आग से पानी का मिलन नहीं होता . सज्जनों से मेल के लिये स्वयं को भी सज्जन बनाना ही होगा अन्यथा कोई सज्जन कतई हमसे नहीं मिलेगा ! ठीक उसी प्रकार परमात्मा से मिलने के लिए स्वयं को परमात्मा बनाना चाहिये ना कि भक्त ! हम स्वयं परमात्मा बनेगे , मगर कैसे ? किस प्रयत्न से ? क्या कोई जवाब है आप मित्रों के पास ?
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