Saturday, February 23, 2013

tanu thadani satsang 23 .0 2 .2 0 1 3 तनु थदानी सत्संग 23 .0 2 .2 0 1 3.

हमें  छोडनी  होगी  परमात्मा  से  मिलने की  ललक , हमें  छोडनी  होगी  परमात्मा  से  मिलने  की  जिद ! ये   तो  निश्चित   है  कि  परमात्मा  से   मिलन   के  लिये  स्वयं   को परमात्मा  बनाना   ही  पड़ेगा ! पर  कैसे  बनेगे  हम  परमात्मा  ?  ये  केवल  विचारणीय  ही  नहीं  असम्भव   सा  कार्य  है ! 
    प्रश्न  ये   भी  है  कि  हम  अंततः  ईश्वर  से  मिलने   की  चाह  रखते  ही  क्यूँ  हैं ? हमारा  लक्ष्य  ईश्वर  ही  क्यों    है  ??

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